Mahila Self Help Group (SHG) Protsahan Yojana: उत्तर प्रदेश में महिलाओं के SHG समूह को सशक्त बनाने की योजना
Mahila Self Help Group Protsahan Yojana उत्तर प्रदेश सरकार के उन प्रयासों में से एक है जो महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूत बनाती है। इस पहल में महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups – SHGs) का गठन, उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाज़ार तक पहुंच प्रदान कर के उनके जीवन स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया जाता है।
SHG (Self Help Group) ऐसे छोटे-छोटे महिलाओं के समूह होते हैं जो आपसी सहयोग, बचत एवं लोन जैसी गतिविधियों के ज़रिये अपने परिवार और समुदाय दोनों के स्तर पर स्थायी बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। Mahila SHG Protsahan Yojana का लक्ष्य है इन समूहों को सशक्त बनाना, ताकि वे आर्थिक रूप से स्थिर, आत्मनिर्भर और समाज में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
योजना का उद्देश्य
- महिला SHG समूहों का गठन और क्षमता निर्माण करना
- महिलाओं को बचत, ऋण प्रबंधन और व्यवसायिक कौशल से जोड़ना
- महिला रोजगार, स्वरोजगार तथा आय सृजन के अवसर प्रदान करना
- समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला समूहों की वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित करना
Mahila Self Help Group Protsahan Yojana के लाभार्थी
इस योजना में वे सभी महिलाएँ लाभ ले सकती हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हैं और स्वयं या समूह में मिलकर आर्थिक गतिविधियों में भाग लेना चाहती हैं।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएँ
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएँ
- विधवा, तलाकशुदा या आत्मनिर्भर बनने की इच्छा रखने वाली महिलाएँ
- SHG गठन में सक्रिय महिलाएँ
योजना से मिलने वाले मुख्य लाभ
- SHG समूहों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यशालाएँ
- बचत और लोन प्रबंधन संबंधी सहायता
- व्यवसायिक कौशल और स्वरोजगार से जोड़ने वाले कार्यक्रम
- बाज़ार तक पहुँच और उत्पाद विपणन में सहायता
- अत्याधुनिक तकनीकी एवं डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण
शिक्षण और प्रशिक्षण गतिविधियाँ
Mahila SHG Protsahan Yojana में शामिल प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हैं:
- लघु व्यवसाय और ट्रेड कौशल ट्रेनिंग
- ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण
- स्वास्थ्य तथा पोषण शिक्षा
- बजट प्लानिंग और बचत-ऋण प्रबंधन
पात्रता शर्तें
- आवेदक महिला उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए
- SHG गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की इच्छा
- आवेदक का समूह किसी स्थानीय संस्थान या विभाग से पंजीकृत होना
- वित्तीय सहायता के लिए समूह के सभी सदस्यों की सहमति
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड (सभी सदस्य)
- SHG समूह पंजीकरण प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- समूह के बचत-ऋण रिकॉर्ड
Official Apply / Registration प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की पोर्टल पर SHG से जुड़ी योजनाओं एवं मार्गदर्शन की जानकारी उपलब्ध है। आप यहां संबंधित SHG प्रोत्साहन और समूह पंजीकरण संबंधी सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
Official Website:
https://mahilakalyan.up.nic.in/
इस पोर्टल पर योजना से जुड़ी जानकारियों के अलावा आवेदन के प्रारूप, सहायता विवरण और स्थानीय कार्यालयों से संपर्क प्रक्रिया भी उपलब्ध है।
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें
- ‘योजनाएं’ या ‘Services’ सेक्शन में SHG समूह संबंधित जानकारी चुनें
- अपना विवरण और समूह जानकारी भरें
- दस्तावेज संलग्न करें
- फॉर्म सबमिट करें और रसीद सुरक्षित रखें
Application Status कैसे देखें?
एक बार आवेदन या समूह पंजीकरण सबमिट होने के बाद SHG सहायता स्थिति को विभाग/स्थानीय कार्यालय के पोर्टल से जांचा जा सकता है। पोर्टल पर “Status” या “Track Application” विकल्प उपलब्ध होता है।
आवेदन के सामान्य कारणों से रद्द हो सकता है
- दस्तावेज़ अपूर्ण या गलत होना
- समूह पंजीकरण में गड़बड़ी
- आय प्रमाण पत्र या पहचान में त्रुटि
- अन्य आवश्यक जानकारी का अभाव
FAQs – Mahila Self Help Group Protsahan Yojana
1. Mahila Self Help Group Protsahan Yojana क्या है?
यह योजना महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) गठन एवं सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने तथा महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई जाती है।
2. क्या इसमें सीधा पैसा मिलता है?
मुख्य रूप से प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा सूक्ष्म वित्त जैसे लाभ मिलते हैं; सीधे DBT नकद नहीं मिलता।
3. SHG समूह में शामिल कैसे हों?
आप अपने स्थानीय विभाग/सहायता केंद्र से संपर्क कर समूह में पंजीकरण कर सकते हैं।
4. क्या ग्रामीण और शहरी महिलाएँ दोनों पात्र हैं?
हाँ, दोनों ही SHG गतिविधियों के लिए पात्र हैं।
5. आवेदन प्रक्रिया कहाँ से करें?
आप आधिकारिक महिला कल्याण पोर्टल से आवेदन और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
6. SHG समूह में कितनी महिलाएं हो सकती हैं?
आमतौर पर 10-20 सदस्य वाला समूह प्रभावी माना जाता है।
7. समूह को वितीय सहायता कैसे मिलती है?
समूह बचत-ऋण गतिविधियों या सूक्ष्म ऋण से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है।
8. क्या SHG समूह व्यापार भी शुरू कर सकता है?
हाँ, प्रशिक्षण और बाज़ार सहायता के साथ समूह स्वरोजगार या लघु उद्योग शुरू कर सकता है।
9. समूह को बैंक लोन कैसे मिलता है?
माइक्रोफाइनेंस या बैंक लोन सुविधा SHG समूह के बचत रिकॉर्ड पर आधारित होता है।
10. सहायता के लिए कहां संपर्क करें?
स्थानीय महिला एवं बाल विकास कार्यालय या जिला ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से संपर्क करें।
इस योजना से जुड़ी सभी नवीनतम जानकारी और अपडेट्स पाने के लिए
SarkariYojna99.com नियमित रूप से विज़िट करते रहें।
