श्रमिक मृत्यु / दुर्घटना सहायता योजना क्या है?
श्रमिक मृत्यु / दुर्घटना सहायता योजना का उद्देश्य पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहारा देना है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक होता है, और ऐसे समय में परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।
यह योजना राज्य के श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से संचालित की जाती है। निर्माण श्रमिक और अन्य पंजीकृत श्रमिक इस योजना के अंतर्गत निर्धारित शर्तों पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
योजना की आवश्यकता क्यों पड़ी?
निर्माण, खनन, फैक्ट्री, परिवहन और दिहाड़ी जैसे कामों में दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। यदि श्रमिक की मृत्यु या स्थायी/अस्थायी अपंगता हो जाए, तो परिवार की आय का स्रोत अचानक समाप्त हो जाता है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे कठिन समय में परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
- दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में श्रमिक परिवार को आर्थिक सहयोग
- असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना
- आपात स्थिति में परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी करना
- श्रमिक कल्याण को मजबूत बनाना
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता
सहायता राशि राज्य सरकार/श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा निर्धारित की जाती है और समय-समय पर संशोधित हो सकती है। सामान्यतः सहायता निम्न स्थितियों में दी जाती है:
- कार्य के दौरान या सामान्य परिस्थितियों में श्रमिक की मृत्यु
- दुर्घटना से स्थायी विकलांगता
- दुर्घटना से अस्थायी विकलांगता
सहायता राशि का भुगतान DBT के माध्यम से लाभार्थी/नामांकित व्यक्ति के बैंक खाते में किया जाता है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक
- राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत असंगठित श्रमिक
- जिनका पंजीकरण वैध और नवीनीकृत हो
श्रमिक मृत्यु / दुर्घटना सहायता योजना की पात्रता
- श्रमिक संबंधित राज्य के श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हो
- पंजीकरण अवधि वैध हो
- दुर्घटना/मृत्यु से संबंधित प्रमाण उपलब्ध हो
- दावा निर्धारित समय सीमा में किया गया हो
किन परिस्थितियों में लाभ नहीं मिलेगा?
- अमान्य या समाप्त पंजीकरण होने पर
- गलत या अपूर्ण दस्तावेज होने पर
- नियत समय सीमा के बाद दावा करने पर
आवश्यक दस्तावेज
- श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र
- मृत्यु प्रमाण पत्र / मेडिकल रिपोर्ट
- दुर्घटना से संबंधित एफआईआर/रिपोर्ट (जहां लागू हो)
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- नामांकन (Nominee) विवरण
श्रमिक मृत्यु / दुर्घटना सहायता योजना में आवेदन प्रक्रिया
इस योजना में आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है, जो राज्य के नियमों पर निर्भर करता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- राज्य के श्रमिक कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- मृत्यु/दुर्घटना सहायता योजना विकल्प चुनें
- श्रमिक पंजीकरण संख्या दर्ज करें
- आवश्यक विवरण भरें और दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
उत्तर प्रदेश के लिए आधिकारिक वेबसाइट:
आवेदन स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन के बाद लाभार्थी या परिवार का सदस्य आवेदन संख्या या पंजीकरण नंबर के माध्यम से पोर्टल पर स्टेटस देख सकता है।
सहायता राशि कब मिलती है?
दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदन स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।
योजना का वास्तविक प्रभाव
इस योजना से कई श्रमिक परिवारों को कठिन समय में सहारा मिला है। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली सहायता से परिवार की तत्काल जरूरतें पूरी हो पाती हैं और आर्थिक संकट कुछ हद तक कम होता है।
महत्वपूर्ण सावधानियां
- पंजीकरण समय पर नवीनीकरण कराएं
- नामांकन विवरण अपडेट रखें
- केवल आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन करें
- किसी दलाल को पैसे न दें
FAQ – श्रमिक मृत्यु / दुर्घटना सहायता योजना
FAQ 1: यह योजना क्या है?
श्रमिक की मृत्यु या दुर्घटना पर परिवार को आर्थिक सहायता देने की योजना है।
FAQ 2: कौन पात्र है?
पंजीकृत श्रमिक और उनके नामांकित सदस्य।
FAQ 3: सहायता राशि कितनी मिलती है?
राशि राज्य के नियमों के अनुसार तय होती है।
FAQ 4: आवेदन कहां करें?
राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड की वेबसाइट या कार्यालय में।
FAQ 5: क्या ऑनलाइन आवेदन संभव है?
हाँ, अधिकांश राज्यों में।
FAQ 6: किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?
मृत्यु/दुर्घटना प्रमाण और श्रमिक पंजीकरण।
FAQ 7: स्टेटस कैसे चेक करें?
पोर्टल पर पंजीकरण/आवेदन नंबर से।
FAQ 8: भुगतान कैसे होता है?
DBT के माध्यम से बैंक खाते में।
FAQ 9: क्या अस्थायी विकलांगता पर लाभ मिलता है?
हाँ, नियम अनुसार।
FAQ 10: अधिक जानकारी कहां मिलेगी?
राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर।
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