ग्रामीण आजीविका मिशन क्या है?
ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है। यह योजना मुख्य रूप से महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर National Rural Livelihood Mission (NRLM) और उत्तर प्रदेश में UP State Rural Livelihood Mission (UP SRLM) के नाम से लागू किया गया है।
ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरुआत
ग्रामीण गरीबी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा इस मिशन की शुरुआत की गई। इसका लक्ष्य है कि गरीब परिवार स्वयं की आय बढ़ाकर सरकारी सहायता पर निर्भर न रहें।
योजना की आवश्यकता क्यों पड़ी?
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी, सीमित आय स्रोत और महिलाओं की आर्थिक निर्भरता बड़ी समस्या रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन इन सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करता है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य उद्देश्य
- ग्रामीण गरीब परिवारों की आय बढ़ाना
- महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना
- स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना
- बैंक लोन तक आसान पहुंच
- कौशल विकास और प्रशिक्षण
स्वयं सहायता समूह (SHG) क्या होते हैं?
स्वयं सहायता समूह 10 से 20 ग्रामीण महिलाओं का समूह होता है, जो नियमित रूप से बचत करता है और आपस में लोन का लेन-देन करता है। यही समूह आगे चलकर बैंक से लोन लेकर व्यवसाय शुरू करता है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
- बिना गारंटी बैंक लोन
- सरकारी अनुदान और सहायता
- व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण
- मार्केट से जोड़ने में मदद
- आत्मनिर्भर बनने का अवसर
कौन लोग इस योजना के पात्र हैं?
- ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवार
- BPL या आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
- 18 से 60 वर्ष की महिलाएं
- जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ना चाहती हों
ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मिलने वाला लोन
इस योजना के तहत SHG को बैंक से कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ब्याज में छूट भी मिलती है।
ग्रामीण आजीविका मिशन में आवेदन प्रक्रिया
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया SHG के माध्यम से होती है। इसके लिए इच्छुक महिलाएं अपने गांव की स्वयं सहायता समूह से संपर्क कर सकती हैं।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें:
प्रशिक्षण और कौशल विकास
ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, डेयरी, मुर्गी पालन, अगरबत्ती निर्माण, दुकान संचालन जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इस योजना से लाखों ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। महिलाएं अब निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला सशक्तिकरण
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता से सामाजिक स्थिति में सुधार आया है। वे आत्मविश्वास के साथ समाज में भागीदारी कर रही हैं।
ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- यह योजना पूरी तरह सरकारी है
- महिलाओं पर केंद्रित
- स्वरोजगार को बढ़ावा
- दीर्घकालिक लाभ
FAQ – ग्रामीण आजीविका मिशन
FAQ 1: ग्रामीण आजीविका मिशन क्या है?
यह ग्रामीण गरीब परिवारों को रोजगार से जोड़ने की योजना है।
FAQ 2: क्या यह केवल महिलाओं के लिए है?
मुख्य रूप से महिलाओं के लिए, लेकिन परिवार को लाभ मिलता है।
FAQ 3: स्वयं सहायता समूह क्या है?
महिलाओं का छोटा समूह जो बचत और लोन करता है।
FAQ 4: क्या इसमें बैंक लोन मिलता है?
हाँ, कम ब्याज पर लोन मिलता है।
FAQ 5: आवेदन कैसे करें?
अपने गांव के SHG या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।
FAQ 6: क्या प्रशिक्षण भी दिया जाता है?
हाँ, विभिन्न रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण।
FAQ 7: क्या इसमें सब्सिडी मिलती है?
कुछ मामलों में सरकारी सहायता मिलती है।
FAQ 8: क्या यह केंद्र सरकार की योजना है?
हाँ, केंद्र सरकार द्वारा संचालित।
FAQ 9: उत्तर प्रदेश में इसे कौन चलाता है?
UP State Rural Livelihood Mission।
FAQ 10: अधिक जानकारी कहां मिलेगी?
NRLM की आधिकारिक वेबसाइट पर।
इस योजना से जुड़ी सभी नवीनतम जानकारी और अपडेट्स पाने के लिए
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