जननी सुरक्षा योजना क्या है?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने पर आर्थिक सहायता और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
जननी सुरक्षा योजना विशेष रूप से गरीब, वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि उन्हें समय पर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत
जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं से माताओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित रखना था।
योजना की आवश्यकता क्यों पड़ी?
भारत के कई ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में आज भी घर पर प्रसव की परंपरा रही है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर अधिक थी। समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण कई जानें चली जाती थीं। जननी सुरक्षा योजना इसी समस्या का समाधान है।
जननी सुरक्षा योजना के मुख्य उद्देश्य
- संस्थागत (अस्पताल में) प्रसव को बढ़ावा देना
- मातृ मृत्यु दर में कमी
- नवजात शिशु की सुरक्षा
- गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता
- स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
- सरकारी अस्पताल में मुफ्त प्रसव
- प्रसव के लिए आर्थिक सहायता
- मुफ्त दवाइयां और जांच
- प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स की सुविधा
- ASHA कार्यकर्ता का सहयोग
जननी सुरक्षा योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि राज्य और क्षेत्र (ग्रामीण/शहरी) के अनुसार अलग-अलग होती है। सामान्य रूप से:
- ग्रामीण क्षेत्र (Low Performing States): ₹1400
- शहरी क्षेत्र (Low Performing States): ₹1000
- High Performing States में निर्धारित राशि
जननी सुरक्षा योजना की पात्रता
- गर्भवती महिला भारत की नागरिक हो
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित
- सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव
- ASHA से पंजीकरण (जहां लागू हो)
कौन महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों की सभी गर्भवती महिलाएं और शहरी क्षेत्रों की गरीब महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। कुछ राज्यों में आयु और बच्चे की संख्या से संबंधित शर्तें हटा दी गई हैं।
ASHA कार्यकर्ता की भूमिका
जननी सुरक्षा योजना में ASHA कार्यकर्ता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वे गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, अस्पताल ले जाने और योजना का लाभ दिलाने में मदद करती हैं।
जननी सुरक्षा योजना में आवेदन प्रक्रिया
जननी सुरक्षा योजना के लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन नहीं किया जाता। गर्भवती महिला को नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराना होता है।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें:
जननी सुरक्षा योजना का भुगतान कैसे होता है?
प्रसव के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है या कुछ मामलों में अस्पताल द्वारा प्रदान की जाती है।
जननी सुरक्षा योजना और मातृ स्वास्थ्य
इस योजना से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिलती है, जिससे मातृ स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है।
जननी सुरक्षा योजना और नवजात शिशु सुरक्षा
संस्थागत प्रसव से नवजात शिशुओं को भी तुरंत चिकित्सा सहायता मिलती है, जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
योजना से जुड़ी सावधानियां
- समय पर गर्भावस्था पंजीकरण कराएं
- केवल सरकारी/मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रसव कराएं
- बैंक खाता और आधार अपडेट रखें
FAQ – जननी सुरक्षा योजना
FAQ 1: जननी सुरक्षा योजना क्या है?
यह सुरक्षित प्रसव के लिए आर्थिक सहायता देने वाली योजना है।
FAQ 2: क्या यह केंद्र सरकार की योजना है?
हाँ, यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित है।
FAQ 3: कितनी सहायता राशि मिलती है?
राज्य और क्षेत्र के अनुसार ₹1000–₹1400।
FAQ 4: आवेदन कैसे करें?
सरकारी अस्पताल में पंजीकरण कराकर।
FAQ 5: क्या घर पर प्रसव कराने पर लाभ मिलेगा?
नहीं, केवल संस्थागत प्रसव पर।
FAQ 6: ASHA की क्या भूमिका है?
गर्भवती महिला को योजना से जोड़ना।
FAQ 7: क्या शहरी महिलाएं पात्र हैं?
हाँ, गरीब शहरी महिलाएं।
FAQ 8: भुगतान कैसे होता है?
DBT के माध्यम से बैंक खाते में।
FAQ 9: क्या सभी राज्यों में लागू है?
हाँ, पूरे भारत में।
FAQ 10: अधिक जानकारी कहां मिलेगी?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वेबसाइट पर।
इस योजना से जुड़ी सभी नवीनतम जानकारी और अपडेट्स पाने के लिए
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